बे-तख़ल्लुस

My photo
'बेतख़ल्लुस' हूं मुझे कोई भी अपना लेगा

manu

manu
Showing posts with label purani ghazal.... Show all posts
Showing posts with label purani ghazal.... Show all posts

Tuesday, May 25, 2010

purani ghazal...


हसरतों की उनके आगे यूँ नुमाईश हो गई
लब न हिल पाये निगाहों से गु्ज़ारिश हो गई

उम्र भर चाहा किए तुझको खुदा से भी सिवा
यूँ नहीं दिल में मेरे तेरी रिहाइश हो गई

अब कहीं जाना बुतों की आशनाई कहर है
जब किसी अहले-वफ़ा की आज़माइश हो गई

घर टपकता है मेरा, अब अब्र वापस जाएगा
हम भरम पाले हुए थे और बारिश हो गई

जब तलक वो ग़ौर फ़रमाते मेरी तहरीर पर
तब तलक मेरे रक़ीबों की सिफ़ारिश हो गई