बे-तख़ल्लुस

manu

manu

Monday, December 8, 2008

मैं तर्ज़ की बात कर रहा था ....मैं ख़ुद को अपनी जगह ठीक पा रहा था और मुफलिस साहब के बयान से भी संतुष्ट था....हम लोग कहते हैं न के फलां गीत की तर्ज़ कैसी है ...है ना....? तो मैंने अपनी अकल का इस्तेमाल करने के बजाय बाहर खोज बीन करना ठीक समझा ..........और पाया के तर्ज़ उभयलिंगी शब्द है .......दोनों तरह से इस्तेमाल हो सकता है.......लेकिन कहीं कुछ चूक रह गए थी ...फैशन शब्द ठीक था ...........पर ये शब्द शैली ...पद्धति ....से होता हुआ फैशन बना था........तो थोड़ा दूर हो गया था, मेरे पोस्टिंग वाले फॉण्ट में कुछ गड़बड़ है शायद ....बाकी का हिन्दयुग्म वाले फॉण्ट से लिखता हूँ...........जाइयेगा नहीं....................

15 comments:

Harkirat Haqeer said...

ये तो नाइंसाफी है मनु जी ,हम आपके दुसरे कमेन्ट का इंतजार करते रहे और आप आ कर फिर चुप चाप चले गए...?

Suresh Chiplunkar said...

हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, खूब लिखें, शुभकामनायें…

ई-गुरु राजीव said...

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


ब्लॉग्स पण्डित - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

ई-गुरु राजीव said...

आपका लेख पढ़कर हम और अन्य ब्लॉगर्स बार-बार तारीफ़ करना चाहेंगे पर ये वर्ड वेरिफिकेशन (Word Verification) बीच में दीवार बन जाता है.
आप यदि इसे कृपा करके हटा दें, तो हमारे लिए आपकी तारीफ़ करना आसान हो जायेगा.
इसके लिए आप अपने ब्लॉग के डैशबोर्ड (dashboard) में जाएँ, फ़िर settings, फ़िर comments, फ़िर { Show word verification for comments? } नीचे से तीसरा प्रश्न है ,
उसमें 'yes' पर tick है, उसे आप 'no' कर दें और नीचे का लाल बटन 'save settings' क्लिक कर दें. बस काम हो गया.
आप भी न, एकदम्मे स्मार्ट हो.
और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ 'ब्लॉग्स पण्डित' पर.
यदि फ़िर भी कोई समस्या हो तो यह लेख देखें -


वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?

Anonymous said...

bahut khoob likha hai.

प्रकाश बादल said...

स्वागत है आपका।

अशोक मधुप said...
This comment has been removed by the author.
अशोक मधुप said...

हिंदी के लिखाड़ियों की दुनिया में आपका स्वागत। खूब लिखे। अच्छा लिखे । नाम कमाएं। हार्दिक शुभकामनायें।

shama said...

Swagat hai...mere blogpe kuchh samayik halatse bbbbehad takleef paake ek aawaaz uthayi hai...zaroor padhen...

नारदमुनि said...

wah jee wah, narayan narayan

रचना गौड़ ’भारती’ said...

भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

Harkirat Haqeer said...

logon k chehron pr tak jhank karna acchi bat nahi Manu ji....aapko kya lagta hai mai hamesa roti rehti hun...? ab to rone wale bhot se mil gaye hain safar kat jayega.

संगीता पुरी said...

आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

Vijay Kumar Sappatti said...

aapki paintings bahut acchi hai , pahle to uski badhai le lijiye .

aap likhte bhi bahut acche hai . ab iski bhi badhai le lijiye .

aur lagta hai ki aap kuch kuch mere jaise hai , iski bhi badhai le lijiye.

aapko bahut bahut badhai

maine kuch naya likha hai , aapka aashirwad chaiye.


vijay
http://poemsofvijay.blogspot.com/

प्रवीण त्रिवेदी...प्राइमरी का मास्टर said...

हिन्दी ब्लॉग जगत में प्रवेश करने पर आप बधाई के पात्र हैं / आशा है की आप किसी न किसी रूप में मातृभाषा हिन्दी की श्री-वृद्धि में अपना योगदान करते रहेंगे!!!
इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए!!!!
स्वागतम्!
लिखिए, खूब लिखिए!!!!!


प्राइमरी का मास्टर का पीछा करें